श्री विश्वम्भर नाथ शर्मा ( कौशिक ) जी के परिसद्ध दो उपन्यास

DSpace/Manakin Repository

श्री विश्वम्भर नाथ शर्मा ( कौशिक ) जी के परिसद्ध दो उपन्यास

Show full item record

Title: श्री विश्वम्भर नाथ शर्मा ( कौशिक ) जी के परिसद्ध दो उपन्यास
Author: Kaul, Chunni(Scholar)
Abstract: वास्तव मैं कौशिक जी एक सामाजीक उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध हुए हैं । उनके साहित्य का मुख्य उदेश्य ही विभिन्न समस्याओं पर विचार तथा उनका समाधान उपस्थित करना था। कौशिक जी ने अपने साहित्य में विभिन्न प्रकार की समस्याओं का चित्रन किया है । इसमें सामाजिक , राजनीतिक , पारिवारिक तथा आर्थिक और उनका समाधान भी उचित ढ़ंग से यथासंभव किया हैं । नारियों के चरित्रांकन में आदर्श की स्थापना कौशिक जी के उपन्यास कला की प्रमुख विशेषता हैं । उनकी महानता केवल युग के यथार्थ चित्रण के कारण ही नहीं हैं , अपितु भविष्य दृष्टि और आदर्श सृष्टा होने के कारण भी हैं । निःसन्देह प्रेमचनद जी महान थे और उनकी कला भी महान हैं ।
URI: http://dspaces.uok.edu.in/handle/1/235
Date: 1969


Files in this item

Files Size Format View
वर्ष31.doc 21.5Kb Microsoft Word View/Open

This item appears in the following Collection(s)

Show full item record

Search DSpace


Advanced Search

Browse

My Account